खोरठा भाषा काल /समय,

खोरठा भाषा काल |Khortha language TENSE

खोरठा भाषा काल ,Khortha language TENSE ,Introduction of Khortha language TENSE,best notes for Jpsc mains,best notes for jtet,download all exam of khortha language pdf ,download khortha language notes for all exam.

(1) वर्तमान काल —

(i) सामान्यः वर्तमान —-हाम लिख़ –ही /लिखो ही ,तोञ् लिख –हे , उ लिख हे।

(ii) तात्कालिक वर्तमान –हम खाइ लागल/रहल ही । तोञ् खाइ लागल /रहल हें।

                                           ऊ खाइ लागल /रहल हे ।

(iii)संदिग्ध वर्तमान — हाम पढ़इत हबब–     मैं पढ़ता होउंगा ।

                                   तोञ् पढ़इत हबें –तुम पढ़इत हबें –वह पढ़ता होगा ।

(2)भूतकाल –

(i).सामान्य भूत –क्रिया की पूर्णता,अपूर्णता की विशेष सूचना नही मिलती है,सामान्य भूत में ।

हाम लिखली –मैने लिखा

तोञ् लिखलें -तुमने लिखा

उ लिखल /लिखलक –उसने लिखा

(ii)आसन्न भूत –क्रिया अभी–अभी समाप्त हुई है , इसकी सूचना मिलती है हाम लिखल /लिखले हीतोञ् लिखले हें।उ लिखले हे।

(iii) पूर्ण भूत —इस क्रिया बहुत पहले समाप्त हु , इसकी सूचना मिलती है । हाम लिखले हली/हलों —                    मैने लिखा था

तोञ् लिखले हलें —तुमने लिखा था ।

उ लिखले हल –वह लिखा था ।

(iv) अपूर्ण भूत — क्रिया बहुत पहले हुई थी पर उसकी पूर्णता की सूचना नहीं मिलती हाम जा हली –मैं जाता था /जा रहा था ।

तोञ् जा हलें — तुम जाते थे /तुम जा रहे थे।

ऊ जा हल –वह जाता था /वह जा रहा था ।

(v) संदिग्ध भूत:–भूत काल मे कार्य के आरंभ होनें की सूचना संदिग्ध रहती है ।

जैसे :–

हाम खइले हबब — मैं खाया होऊंगा ।

तोञ् खइले हबे — तुम खाए होगे।

ऊ खइले हवत — वह खाया होगा ।

(vi) हेतुहेतुमद भूत —कोइ क्रिया होने वाली थी पर नहीं हुई।

हम पढ़तली तो नउकरी पउतली/पउतलों

ताञ् पढ़तले तो नउकरी पउतलें ।

उ पढ़तल तो नउकरी पउतल ।

भविष्य –आने वाले समय में होने वाले कार्य की सूचना मिलती है।

(1) सामान्य भविष्य — भविष्य में होने वाले कार्य की सामान्य अवस्था ।

हाम खाइब ,तोञ् खइबे ,उ खइत/खइतक

(2) सतत बोधक भविष्य —क्रिया के जिस रूप भविष्य में भी काम के जारी रहने की संभावना का ज्ञान होता हो ।

हाम काम करइत रहब — मैं काम करता रहूँगा ।

तोञ् काम करइत रहबें — तुम काम करते रहोगे ।

ऊ काम करइत रहत — वह काम करता रहेगा ।

(3) हेतुहेतुमद भविष्य –कोई क्रिया तभी होगी जब वह किसी शर्त को पूरा करेगी ।

जैसे — हाम पढ़ब तो नउकरी पावब ।

तोञ् पढ़बे तो नउकरी पइबें ।

ऊ पढ़त तो नउकरी पावत ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *