खोरठा लेखक गजाधर महतो प्रभाकर की जीवनी

खोरठा लेखक गजाधर महतो प्रभाकर की जीवनी | Dr. Gajadhar Mahto Prabhakar Biography in Khortha language

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खोरठा लेखक गजाधर महतो प्रभाकर की जीवनी

डॉ॰ गजाधर महतो प्रभाकर कर जनम 11 फ़रवरी 1952 में राँची जिलाक साहेदा ( सिल्ली ) गाँवे एगो किसान परिवारे हेल हे ।इनखर बापेक नाम जगन्ननाथ  महतो आर माय के नाम लाखो देवी हे । छउवा पहर से  मामू घार गाँव उसरा (रामगढ़) में रही के पढ़ाय करल हथ ।1968 में मैट्रिक लारी हाई स्कूल से आर 1974 में बी॰ए ॰ रामगढ़ कॉलेज से ,1976 मे बी॰एड  हजारीबाग से एम ए 1982 में आर पी एच डी 1990 में करल हथ ।‘ खोरठा ’ लोककथा: विषय और विश्लेषण ‘ शीर्षक  पर शोध  ग्रंथ लिखी के पी एच डी कर डिग्री पावल हथं ।

कृति – पुटुसफुल (खोरठा कहनी संग्रह – 1988 ) मरीचका ( लघुकथा संग्रह 1988 ) हिन्दी व्याकरण (1995 ) ,आब  ना रहा पटाइल  ( कविता संग्रह ) खोरठा वार्ता  ( रेडियो प्रसारित लेख ),खोरठा लोककथा नेवरा ,समय की पुकार ( हिन्दी कविता संग्रह )।

महात्मा गाँधी उच्च विद्यालय भुरकुंडा में 1978 से मास्टर रूपे काम कइर के 28 फरवरी 2012 में रिटाइर हेल बादे बिरसा मुंडा कॉलेज रामगढ़ में प्राचार्य रूपे सेवा देइ रहल हथ । एकर से पहिले कोयरी टोला हाई स्कूल रामगढ़ में एक साल आर  लारी हाई स्कूल में एक साल मास्टर रइह चुकल हथ ।

सम्पादन – भुरकुंडा से प्रकासित राष्ट्र स्तरीय ‘ शांख ’ त्रैमासिक पत्रिका ( 1983 से 84 तक पाँच अंक ) कर सह सम्पादन ,नव क्लासेक खोरठा किताब आर दस क्लासेक खोरठा किताब क्रमशःदु डाइर परास फुल आर ‘ दु डाइर परास फुल आर ‘ दु डाइर जिरहुल फूल ‘ के सम्पादन मंडलीय सदस्य हथ ।

1982 में खोरठाक पढ़ाय राँची विश्वविद्यालय में सुरू हेल आर खोरठा प्रेम जागल आर खोरठा लोक साहितेक कर लोक कथा पर शोध ग्रंथ लिइख के सोबले पहिले पी॰एच॰डी कर डिग्री पावल हथ ।

‘ हरियरे – हरियर ‘ जे कहनी दस कलासे पढ़ाय खातिर शामिल करल गेलहे ,राँची आकाशवाणी से 1982 में प्रसारित पहिल खोरठा शिष्ट कहनी है ।

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