झारखंड की सिंचाई प्रणाली best mcq

प्रश्न 1. झारखंड राज्य में कुल सिंचित भूमि है ?
(A) 18.38%
(B ) 12.77%
(C) 19.52%
(D) 14.22%

संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम , 1949 MCQ

प्रश्न 1. संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम 1949 कि किस धारा के तहत किसी पहाड़िया गांव में बंजर भूमि का बंदोबस्त गैर पहाड़िया के साथ नहीं किया जा सकता है ?
(A) धारा 40
(B) धारा 41
(C) धारा 42
(D)  धारा 45

मगही भाषा व्याकरण एवं साहित्य

 मगही भाषा व्याकरण एवं साहित्य

मगही भाषा व्याकरण एवं साहित्य मगध राज्य के फैलाव एवं सांस्कृतिक विशिष्टएँ 1 –   उत्तर गंगा नदी तक।दक्षिण –बिन्धय की पहाड़ियों तक। 2 –   उत्तर पूर्व मूंगेर (मुद्गगिरी )।पश्चिम –आधुनिक चुनार तक। 3 –  गंगा के दक्षिण मगधों का राज ।पूर्व में अंगों का ।उत्तर में में विदेहों का । 4 – विदेह राज और … Read more

खोरठा के विलोम शब्द ( उल्टे अरथेक सबद )

खोरठा के विलोम शब्द

शब्द     विलोम शब्द            शब्द — विलोम शब्द
1-ढाँगा — ठुरका                   लम्बा — नाटा
2 -ढाँगी — ठुरकी                  लम्बी — नाटी

खोरठा  संज्ञा ( संइगा ) | khortha vyakaran sangya

खोरठा  संज्ञा ( संइगा )

हिन्दी जइसन खोरठा में कोनों चीजेक नाम , जगS के नाम ,कोनो गोंठ -तोंठ ,भाभ- विचार ,के नाम के संइगा कहल जा हे । (हिन्दी जैसा खोरठा में किसी स्थान ,समूह ,भाव आदि को संज्ञा कहा जाता है ) जैसे :-राम, चीनी ,पटना ,सैनिक आदि ।

khortha vyakaran ling | खोरठा व्याकरण लिंग

khortha vyakaran ling

खोरठा में लिंग के माने मरद – जाइत आर जनि – जाइत के होवे हे । एकर में खाली जीव-जन्तु के लिंगेक विचार होवे हे ।

खोरठा मुहावरा | आहना | kortha muhavara

आहना

1- आँचराक तरे             आँचल में छिपाकर रखना

2-आइरें –गोहरें                      इधर- उधर

खोरठा भाषा में दैनिक उपयोग में आने वाले वाक्य

खोरठा भाषा में दैनिक उपयोग में आने वाले वाक्य

खोरठा प्रारूप       —           हिन्दी प्रारूप

1-  ई ऐगो गाय हइ ।               यह एक गाय है।

2- ई ऐगो बकरी हई ।              यह एक बकरी है ।

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jtet Urdu 2016 previous year question paper

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खोरठा भाषा ( भासा ) के प्रचलित शब्दकोष अ ,आ ,इ

क्रिया  के ‘  अ ‘  शब्द

        हिन्दी अर्थ             —-           खोरठा शब्द                           

(1)      अकबकाना               —-         अकबकाएक

(2)  अनुपस्थित होना              —-          नागा होवेक

खोरठा व्याकरण अनेक शब्दों के एक शब्द ( ढेइर सबदेक एगो शब्द )

खोरठा व्याकरण अनेक शब्दों के एक शब्द

अनेक शब्द               —       एक शब्द

1- उ भूइयाँ जेकर में कुछो नाञ उपजे हे  — ऊसर (वह भूमि जिसमें कुछ भी पैदा नहीं होता है )

2-लिएक – दिएक बात        — पैसा -कौड़ी ( लेन – देन वाली बात )

खोरठा भाषा ( भासा ) में कब ,क्यों ,कैसे का प्रयोग

1-  तोंइ इसकूल कखन जिबे ?                             तुम विद्यालय कब आओगे ?

2- अधिकारी ऑफिस में कखन अइतो ?               अधिकारी कार्यालय में कब आयेगा ?

3- मास्टर कखन अइतो ?  शिक्षक कब आयेंगें  ?

सेंटिनलीज जनजाति | Sentinelese Tribe

सेंटिनलीज जनजाति

यह जनजाति एक प्रतिबंधित उत्तरी सेंटिनल द्वीप पर रहने वाली एक नेग्रिटो जनजाति है। 2011 के जनगणना आँकड़ों के अनुसार द्वीप पर इनकी संख्या 15 के आस-पास थी। जहाँ एक तरफ अंडमान द्वीप में चार नेग्रिटो जनजातियों- ग्रेट अंडमानी, ओंगे/ओंज, जारवा तथा सेंटिनलीज का निवास है तो वहीं दूसरी तरफ निकोबार में दो मंगोलॉइड जनजातियाँ मसलन- निकोबारी और शोम्पेन … Read more

 खोरठा भाषा में अनुच्छेद लेख

खोरठा भाषा में अनुच्छेद लेख

खोरठा भाषा में अनुच्छेद लेखन क्या है

आजकल विभिन्न परीक्षाओ एवं प्रतियोगिता परीक्षाओं में क्षेत्रिय एवं जनजातीय भाषा में अनुच्छेद लिखने के लिए कहें जाते हैं । अनुच्छेद हिन्दी में दिये रहते हैं जिसका अनुवाद अपनी भाषा में करना होता है।

हो भाषा में शरीर  के अंगों के नाम

हो भाषा में शरीर  के अंगों के नाम

होमों ( मंणा ) , कोंजा कोंबा नुतुम

हिन्दी में शरीर के अंगों नाम    हो भाषा में शरीर के अंगों के नाम

1-  सिर                                         बोअ

2- आँख                                         मेड़

Santhali bhasha vyakaran sangya | संथाली व्याकरण संज्ञा(ञुनुम )

Santhali bhasha vyakaran sangya

संज्ञा  ( ञुनुम ) :–किसी व्यक्ति ,वस्तु आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं ।जैसे :- होड़ , गाय  मोहोन । संताली भाषा संज्ञा मुख्यतः सजीव और निर्जीव अर्थात् प्राणिवाचक और अप्राणिवाचक (वस्तुवाचक ) दो भागों में बांटी गयी है।

खोरठा भाषा में पत्र लेखन | khortha bhasha patra lekhan

खोरठा भाषा में पत्र लेखन

खोरठा में पत्र लेखन हेतु मार्ग दर्शन : पत्र लेखन एक कला है ।एक अच्छा पत्र वह होता है , जिसमें संक्षेंप में सरल भाषा अपनी बात व्यक्त की गई हो ।आप भी एक अच्छा पत्र लिख सकतें है

कुँड़ुख़ भाषा व्याकरण उपसर्ग (मुहड़ालटखु )

कुँड़ुख़ भाषा व्याकरण उपसर्ग (मुहड़ालटखु )

मुहड़ालटखु आ बकओटा तली एकदा एकअम बक ही मुहड़ा नू बरअर अदि घी मनेन बदल ई मलता बिहइत ओंदरई ।
( उपसर्ग वह शब्दांश है जो किसी शब्द के पहले आकर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता लाता है, उपसर्ग कहलाते  हैं ।)

  कुँड़ुख़ भाषा व्याकरण मुंज्जालटखु (प्रत्यय)

 कुँड़ुख़ भाषा व्याकरण मुंज्जालटखु (प्रत्यय)

मुंज्जालटखु (प्रत्यय) :– एका बकओटा बक ही मुंज्जा नू बरई , अदिन मुंज्जालटखु बअनर ।

    ( जो शब्दांश शब्दों के बाद लगाये जाते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते है । )